बिहार मॉडल की तर्ज पर रिविज़न की मांग, कांग्रेस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान
Bengaluru: कर्नाटक की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। राज्य BJP ने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर संशोधन की मांग करते हुए कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने कहा है कि जिस तरह बिहार में व्यापक स्तर पर वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण किया गया है, उसी मॉडल को कर्नाटक में भी अपनाया जाना चाहिए। पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता आर. अशोक ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार “अवैध प्रवासियों” को संरक्षण देकर उन्हें अपना “वोट बैंक” बना रही है। उनका दावा है कि कई क्षेत्रों में फर्जी नाम और संदिग्ध प्रवासियों के वोट शामिल किए गए हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया प्रभावित होने का खतरा है।
BJP का कांग्रेस सरकार पर सीधा हमला
आर. अशोक ने कहा, “कांग्रेस की वोट बैंक राजनीति के कारण राज्य में अवैध प्रवासियों का प्रभाव बढ़ रहा है। सरकार जानबूझकर कार्रवाई नहीं कर रही।”
उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मुद्दे पर प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर भाजपा सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेगी।
किसानों के मुद्दे पर भी हमलावर
मतदाता सूची के साथ ही भाजपा ने कांग्रेस सरकार को “किसान विरोधी” करार दिया है। आर. अशोक ने कहा कि सरकार की नीतियों के चलते किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
उनका आरोप है कि फसल खरीद, सिंचाई और सब्सिडी से जुड़े मामलों में सरकार की “लापरवाही” साफ दिखाई देती है।
राजनीतिक टकराव बढ़ने के संकेत
बीजेपी की यह मांग आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति को और तेज कर सकती है। कांग्रेस ने हालांकि अब तक इन आरोपों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन मुद्दे के संवेदनशील होने के कारण सत्तारूढ़ सरकार पर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है।
कर्नाटक में मतदाता सूची संशोधन की मांग ने राजनीतिक माहौल को नया मोड़ दे दिया है। बीजेपी जहां इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सुरक्षा का मुद्दा बता रही है, वहीं कांग्रेस के लिए यह आरोप आने वाले समय में चुनौती खड़ी कर सकते हैं।



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